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कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦, सोते समय किन बातों का रखें खà¥à¤¯à¤¾à¤²?
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ (Back pain) आजकल à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ (पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡) और सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° (गरà¥à¤¦à¤¨) में दरà¥à¤¦ आजकल यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से लेकर बà¥à¤°à¥à¤œà¥à¤—ों के बीच à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। यह बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक बैठकर काम करने की वजह से à¤à¥€ हो सकता है। कमर दरà¥à¤¦ के सबसे आम कारण हैं रीढ़ की मांसपेशियों (Muscles) में खिंचाव या मोच आना। इसके अलावा कà¥à¤› लोगों को यह दरà¥à¤¦ जेनेटिकली à¤à¥€ टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफर होता है। इसकी वजह से बहà¥à¤¤ देर तक à¤à¤• पॉशà¥à¤šà¤° में बैठे रहने से à¤à¥€ हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ बढ़ जाता है।
लमà¥à¤¬à¤° कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° (Lumbar Region) और सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ (Cervical Spine) में दरà¥à¤¦ आपके रोजाना के कामों में परेशानी बन सकता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये वजन उठाने, चलने और à¤à¥à¤•ने में मदद करते हैं। रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ (Spinal Bone) में दरà¥à¤¦ लिगामेंटà¥à¤¸ (Ligaments) जो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤• साथ जोड़ते हैं, के असामानà¥à¤¯ रूप से खिंच जाने के कारण होता है।अचानक चोट या बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होने से ये कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाते हैं।
जब रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में तनाव या मोच आती है, तो मांसपेशियों में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ आम है। इस सूजन के कारण दरà¥à¤¦ होता है और मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन à¤à¥€ हो सकती है। à¤à¤²à¥‡ ही रीढ़ पर तनाव या मोच कम हो, लेकिन à¤à¤¸à¥‡à¤‚ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह जरूर लें। रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ (Back pain) गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ का à¤à¥€ संकेत हो सकता है, जिनमें सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जरà¥à¤°à¤¤ हो सकती है। इस तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ v होता है। कई बार यह दरà¥à¤¦ हाथ, पैर या रिब केज के चारों ओर तक à¤à¥€ फैल सकता है।
तीन तरह की मांसपेशियां रीढ़ को करती हैं सपोरà¥à¤Ÿ
à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤‚सरà¥à¤¸ Extensors (पीठऔर गà¥à¤²à¥‚टियल मांसपेशियां)
फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤°à¥à¤¸ Flexors (पेट और इलिओसोआस मांसपेशियां)
ओबà¥à¤²à¤¿à¤• या रोटेटरà¥à¤¸ Oblique or Rotators (किनारे की मांसपेशियां)
बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को होती है अधिक समसà¥à¤¯à¤¾
बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— लोग आम तौर पर इस समसà¥à¤¯à¤¾ से जूà¤à¤¤à¥‡ हैं। वृदà¥à¤§ महिलाओं को अकà¥à¤¸à¤° ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ होता है,जिसकी वजह से पीठदरà¥à¤¦ होता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ शरीर के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ जैसे कंधे या कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ या बीमारी à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ (Back Pain) का कारण बन सकती है। रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ (Back pain) की समसà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤°à¥à¤œà¥à¤—ों को अधिक होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उमà¥à¤° के साथ उनकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कमजोर हो जाती हैं।
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ (Back pain) का कारण
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ (Back pain) आमतौर पर सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¨, टेंशन या इंजरी से उपजता है। कमर दरà¥à¤¦ के लगातार कारण हैं:
तनावपूरà¥à¤£ मांसपेशियों या लिगामेंटà¥à¤¸
मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन
मांसपेशी का खिंचाव
डैमेजà¥à¤¡ डिसà¥à¤•
चोट, फà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤šà¤°, या गिरना
वे गतिविधियां जिनकी वजह से तनाव या à¤à¤‚ठन हो सकती है:
अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ तरीके से कà¥à¤› उठाना
कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ उठाना जो बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¥€ हो
à¤à¤• अचानक और अजीब मूवमेंट लेना
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ के लकà¥à¤·à¤£
पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ और जकड़न महसूस होना
रात में दरà¥à¤¦ होना
पीठदरà¥à¤¦ का कमर और कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ तक फैलना
पैर का सà¥à¤¨à¥à¤¨ होना
चलते समय परेशानी होना
चलने या वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने पर दरà¥à¤¦ और बढ़ जाना
योग कर दरà¥à¤¦ नियंतà¥à¤°à¤£ पर पा सकते हैं काबू, वीडियो देख à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की लें राय
संरचनातà¥à¤®à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की वजह से
कई संरचनातà¥à¤®à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ हो सकता है।
डिसà¥à¤• बà¥à¤°à¥‡à¤• होना:रीढ़ में हर वरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥à¤°à¥‡ के लिठडिसà¥à¤• कà¥à¤¶à¤¨ का काम करता है। यदि डिसà¥à¤• फटती है तो नसों पर अधिक दबाव पड़ेगा, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प पीठदरà¥à¤¦ होगा।
उà¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† डिसà¥à¤•: à¤à¤• ही तरह से टूटे हà¥à¤ डिसà¥à¤• के रूप में, à¤à¤• उà¤à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† डिसà¥à¤• à¤à¤• नरà¥à¤µ पर अधिक दबाव डाल सकता है। बलà¥à¤œà¤¿à¤‚ग डिसà¥à¤• की वजह से à¤à¥€ रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ (Back pain) हो सकता है।
सायटिका (Sciatica): à¤à¤• तेज और तीखा दरà¥à¤¦ बटà¥à¤¸ के माधà¥à¤¯à¤® से और पैर के पीछे से होकर, à¤à¤• नस के दबने या हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ डिसà¥à¤• के कारण होता है। इसकी वजह से लोगों को बैक में अधिक दरà¥à¤¦ महसूस होता है।
गठिया: पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤…रà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚, पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ और अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में जोड़ों के साथ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण बन सकता है। कà¥à¤› मामलों में, रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के चारों ओर का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ संकरा हो जाता है। इसे सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के रूप में जाना जाता है।
रीढ़ की असामानà¥à¤¯ वकà¥à¤°à¤¤à¤¾: अगर रीढ़ असामानà¥à¤¯ तरीके से करà¥à¤µ हो जाता है तो पीठमें दरà¥à¤¦ हो सकता है। à¤à¤• उदाहरण सà¥à¤•ोलियोसिस है, जिसमें रीढ़ à¤à¤• तरफ à¤à¥à¤•ने लगता है।
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸: रीढ़ की वरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥à¤°à¥‡ सहित हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आसानी से टूटने वाली हो जाती है और छिदà¥à¤°à¤ªà¥‚रà¥à¤£ हो जाती हैं, जिससे जलà¥à¤¦à¥€ फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है।
किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾: किडनी में पथरी या किडनी में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण कमर दरà¥à¤¦ हो सकता है।
नॉन सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¨, सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¨ और नà¥à¤¯à¥‚रल कंपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ कà¥à¤› दिन बेड रेसà¥à¤Ÿ करके और कम à¤à¤¾à¤—दौड़ करके ठीक की जा सकती हैं। अगर मोच हलà¥à¤•ी है तो आमतौर पर à¤à¤• से तीन दिन में ठीक हो जाती है। अगर दरà¥à¤¦ ठीक हो जाठतो यह बेड रेसà¥à¤Ÿ को कम कर देना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि लंबे समय तक बिसà¥à¤¤à¤° पर आराम करने से मांसपेशियों को नà¥à¤•सान हो सकता है। इससे मांसपेशियों में जकड़न à¤à¥€ बढ़ सकती है, जिससे दरà¥à¤¦ बढ़ सकता है। अगर दरà¥à¤¦ हलà¥à¤•ा है, तो शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ इलाज में आमतौर पर नॉनसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¤² à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ (Non-steroidal anti-inflammatory) दवाà¤à¤‚ ली जा सकती हैं।
सोते समय इन बातों का रखें खà¥à¤¯à¤¾à¤²
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के दरà¥à¤¦ का à¤à¤• कारण गलत तरह के मैटà¥à¤°à¥‡à¤¸ का चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ à¤à¥€ हो सकता है। इस बारे में जब हैलो हैलà¥à¤¥ ने सीनियर कंसलà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट फिजियोथेरेपिसà¥à¤Ÿ, डॉ. तिजी मैथà¥à¤¯à¥‚ थॉमस से बात की तो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, “किसी के लिठà¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ है कि सोते या बैठते समय पॉशà¥à¤šà¤° ठीक रखें। इसके अलावा रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के लिठसही सरà¥à¤ªà¥‹à¤Ÿ मिलना à¤à¥€ जरूरी है ताकि हम लंबे समय तक आराम से बैठया सोया जा सके। यह अचà¥à¤›à¥€ नींद के लिठजरà¥à¤°à¥€ है। बाजार में अलग-अलग तरह के मैटà¥à¤°à¥‡à¤¸ उपलबà¥à¤§ हैं। à¤à¤¸à¤¾ ही à¤à¤• मैटà¥à¤°à¥‡à¤¸ रेंज है डà¥à¤¯à¥‚रोपेडिक जिसमें फाइव जोन फà¥à¤² पà¥à¤°à¥‹à¤¨ सपोरà¥à¤Ÿ सिसà¥à¤Ÿà¤® इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया गया है। ये फाइव जोन सपोरà¥à¤Ÿ सिसà¥à¤Ÿà¤® रीढ़ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और पूरे शरीर को सपोरà¥à¤Ÿ करता है, जो नींद में à¤à¥€ आपकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को आराम देता है।
जानें कब लें डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद
जब दरà¥à¤¦ ठीक न हो और आप आराम न कर पा रहे हो
गिरने के बाद या फिर इंजà¥à¤¯à¥à¤°à¥€ के बाद
पैर में सà¥à¤¨à¥à¤¨ होने की वजह से
शरीर में कमजोरी होने के कारण
बà¥à¤–ार होने की वजह से
à¤à¤•ाà¤à¤• वजन में कमी आने से
डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤¸à¥‡ लगाते हैं बीमारी का पता
पीठदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ या रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ (Back pain) का पता लगाने के लिठसामानà¥à¤¯ तौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° मरीज से कà¥à¤› सवाल पूछ सकते हैं इसके अलावा उनकी फिजिकल इगà¥à¤œà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¥€ की जाती है। कई मामलों में मरीज की इमेजिंक सà¥à¤•ैनिंग कर समसà¥à¤¯à¤¾ का पता लगाया जाता है। इसके तहत मरीज के पीठकी इमेज सà¥à¤•ैनिंग कर पता किया जाता है कि समसà¥à¤¯à¤¾ है या नहीं। यही जरूरत होती है तो उसके अनà¥à¤°à¥‚प ही à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ इलाज करते हैं। इसके अलावा à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ à¤à¤•à¥à¤¸-रे (X-ray), à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ (MRI) और सीटी सà¥à¤•ैन (CT Scan), बोन सà¥à¤•ैन (Bone scan), इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤®à¤¾à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ और ईà¤à¤®à¤œà¥€ आदि टेसà¥à¤Ÿ कर इलाज की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ करते हैं।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की बातों का रखें खà¥à¤¯à¤¾à¤²
यदि आपको à¤à¥€ इसी पà¥à¤°à¤•ार की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ रहा है तो जरूरी है कि समय रहते आप à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की सलाह जरूर लें। वहीं दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° के साथ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ, योग जैसे विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ की तलाश करें। यदि आप à¤à¤¸à¤¾ नहीं करते हैं तो आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बिगड़ सकती है। तो अगर आप रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के दरà¥à¤¦ से परेशान हैं तो अपने सोने का तरीका बदले और मैटà¥à¤°à¥‡à¤¸ लेते समय ऊपर बताई गई बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
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